UP Panchayat Election 2026: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 महीने में कराने होंगे चुनाव
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार की भूमिका अहम हो गई है।
14 अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव में देरी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्धारित समयसीमा में चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने को कहा है। साथ ही पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को लेकर भी समयसीमा में आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
पंचायत चुनाव में देरी को लेकर दाखिल हुई थीं याचिकाएं
उत्तर प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव प्रक्रिया और प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से चुनाव कराने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तय करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
दशरथ यादव समेत अन्य याचिकाकर्ताओं ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के संबंध में अदालत का रुख किया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया।
निवर्तमान ग्राम प्रधान बने रहेंगे प्रशासक
पंचायत चुनाव से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू निवर्तमान ग्राम प्रधानों की प्रशासक के रूप में भूमिका भी है। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रदेश सरकार ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी देने की व्यवस्था की थी।
हाईकोर्ट ने प्रशासक नियुक्त करने के सरकारी फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही निर्देश दिया कि चुनाव होने तक निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करते रहेंगे।
इस व्यवस्था के तहत नई पंचायतों के गठन तक गांवों में प्रशासनिक कामकाज जारी रखने की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम पर रहेगी नजर
पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरक्षण निर्धारण और चुनाव कार्यक्रम को तय समयसीमा में पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, संभावित कार्यक्रम और अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, मतदान की सटीक तारीखों की जानकारी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पंचायत चुनाव पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनाव कराने में देरी कर रही थी।
सपा प्रवक्ता ने चुनाव में देरी को लेकर सरकार की आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा बताया। ये आरोप समाजवादी पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। इस मामले में सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से आगे आने वाले आधिकारिक बयानों और कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
यूपी पंचायत चुनाव 2026: अब आगे क्या होगा?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों को गति देने की जरूरत होगी। चुनाव प्रक्रिया, आरक्षण निर्धारण और कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक घोषणाएं आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो सकती हैं। फिलहाल मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों की नजर राज्य निर्वाचन आयोग की अगली घोषणा पर रहेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। चुनाव की वास्तविक तारीखें और विस्तृत कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।