आर्थिक विकास का सही मूल्यांकन जरूरी, डीएम ने विभागों को दिए सख्त निर्देश

 
जौनपुर की अर्थव्यवस्था पर डीएम सैमुअल पाल एन. सख्त, बोले- गलत डेटा बर्दाश्त नहीं, समय पर दें प्रमाणिक आंकड़े

जौनपुर। जनपद की आर्थिक प्रगति का सटीक आकलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीडीपी) से संबंधित विभिन्न विभागों के आंकड़ों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कृषि, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं सहित सभी संबंधित विभागों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार समयबद्ध, प्रमाणिक एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद की वास्तविक आर्थिक स्थिति का सही आकलन तभी संभव है, जब सभी विभाग पारदर्शिता और शुद्धता के साथ डेटा उपलब्ध कराएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत आंकड़े स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

बैठक में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं वानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गन्ना, फल, सब्जी, मसाला, पुष्प, दुग्ध, मांस, अंडा, मत्स्य एवं टिम्बर उत्पादन से जुड़े आंकड़ों को वास्तविक स्थिति के अनुरूप अद्यतन करने के निर्देश दिए।

द्वितीयक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उद्योग, श्रम, विद्युत, जलापूर्ति एवं निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कारखाना अधिनियम के तहत पंजीकृत इकाइयों, एमएसएमई, जीएसटी संग्रह, औद्योगिक गतिविधियों तथा स्थानीय निकायों के राजस्व से संबंधित आंकड़ों को अद्यतन एवं प्रमाणिक बनाए रखने पर जोर दिया गया।

तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, पर्यटन, होटल, परिवहन, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, जीएसटी संग्रह, पर्यटकों की संख्या, बस परमिट, वाणिज्यिक वाहनों, बैंक ऋण एवं जमा राशि सहित विभिन्न आर्थिक संकेतकों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर ही जनपद की आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है, इसलिए सभी विभाग नियमित सत्यापन के बाद समय से सूचनाएं उपलब्ध कराएं।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ओटीडी सेल से संबंधित कोई भी सूचना लंबित न रहे तथा आर्थिक संकेतकों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।