नहर किनारे गिरे तीन पेड़ों में एक लापता, स्वामित्व को लेकर सिंचाई और वन विभाग आमने-सामने

 

 पाली/सहजनवा। पाली विकासखंड क्षेत्र के डुमरी निवास गांव में आंधी-तूफान और बारिश के दौरान नहर पटरी के किनारे तीन पेड़ धराशायी हो गए। घटना के बाद पेड़ों के स्वामित्व को लेकर सिंचाई विभाग और वन विभाग के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मौके पर दो पेड़ पड़े मिले, जबकि तीसरा पेड़ गायब बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पेड़ों के आसपास की जमीन मुकेश, बेचन और रवि के नाम बताई जाती है। हालांकि, संबंधित लोगों का कहना है कि गिरे हुए पेड़ उनके नहीं हैं। ऐसे में पेड़ों के वास्तविक स्वामित्व को लेकर मामला उलझ गया है।

सिंचाई विभाग का कहना है कि यदि पेड़ नहर की जमीन पर स्थित था तो उसके संबंध में विभागीय स्तर पर जांच जरूरी है। वहीं, वन विभाग की ओर से पेड़ को विभाग द्वारा लगाया गया बताया जा रहा है। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के चलते एक पेड़ के गायब होने का मामला भी जांच के दायरे में आ गया है।

सिंचाई विभाग के जेई ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले नहर पर कार्य के दौरान पेड़ को लेकर आपत्ति जताई गई थी। उस समय संबंधित कार्य को रुकवा दिया गया था। वर्तमान मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।

वन विभाग के दरोगा आशुतोष तिवारी ने बताया कि पेड़ के स्वामित्व की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ किस विभाग या व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान में गिरे पेड़ों की लकड़ी वन विभाग ने अपने कब्जे में ले ली है। फिलहाल विभागीय जांच के बाद ही पेड़ों के स्वामित्व और गायब हुए एक पेड़ की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।