उत्तर प्रदेश मे न्यू नोएडा परियोजना का काम शुरू, 84 गांवों में विकसित होगी नई सिटी 

न्यू नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से भी किया गया अधिसूचित। 
 

न्यू नोएडा परियोजना का काम शुरू, पहले चरण में 37 गांवों की जमीन पर नजर; औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार

नोएडा। उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा परियोजना के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। परियोजना के पहले चरण में 37 प्राथमिकता वाले गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना और विनिर्माण, माल ढुलाई तथा भंडारण से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करना है।

न्यू नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से भी अधिसूचित किया गया है। प्रस्तावित योजना के तहत गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के 84 गांवों में करीब 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाना है।

यह परियोजना दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) के व्यापक ढांचे से जुड़ी है। इसके जरिए क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार के लिए नई जमीन उपलब्ध कराने की योजना है।

 

विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स पर रहेगा जोर

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां पहले से विकसित हैं। वहीं, न्यू नोएडा की योजना में विनिर्माण इकाइयों, बड़े गोदामों और माल के परिवहन से संबंधित बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मास्टर प्लान-2041 के अनुसार, कुल क्षेत्रफल का लगभग 40.27 प्रतिशत हिस्सा विनिर्माण और भारी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है।

इस योजना के तहत औद्योगिक इकाइयों, भंडारण केंद्रों और माल की आवाजाही से संबंधित सुविधाओं के विकास की संभावना है। इससे विभिन्न उद्योगों को उत्पादन, भंडारण और बाजार तक तैयार माल पहुंचाने के लिए बेहतर ढांचा मिल सकता है। साथ ही, औद्योगिक निवेश बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

 

माल ढुलाई गलियारों से मिलेगी कनेक्टिविटी

न्यू नोएडा की प्रमुख विशेषताओं में दादरी के आसपास विकसित रेल माल ढुलाई नेटवर्क से जुड़ाव शामिल है। दादरी क्षेत्र में पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इन रेल गलियारों का उद्देश्य देश में माल की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाना है।

इनसे जुड़ाव होने पर औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे परिवहन लागत और माल पहुंचाने में लगने वाले समय को कम करने की संभावना भी है। बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से क्षेत्र की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

भूमि अधिग्रहण और विकास पर रहेंगी निगाहें

परियोजना के अगले चरण में भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही प्रभावित गांवों के भूमि मालिकों के लिए मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े प्रावधान भी अहम रहेंगे।

न्यू नोएडा परियोजना को NCR में औद्योगिक विस्तार की एक महत्वपूर्ण योजना के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसके वास्तविक आर्थिक और रोजगार संबंधी परिणाम विकास कार्यों की गति, निवेश और आधारभूत सुविधाओं के समय पर तैयार होने पर निर्भर करेंगे।