मिर्जापुर में सपा का पीडीए मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

 

मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी की ओर से गुरुवार को आयोजित पीडीए मार्च और विशाल धरना-प्रदर्शन से जिले का सियासी माहौल गरमा गया। पार्टी के हजारों पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील चौराहा स्थित जैनाथ उत्सव भवन से पैदल मार्च करते हुए पुलिस लाइन, रमईपट्टी और कचहरी मार्ग से जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया तथा उनके इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और महात्मा गांधी की तस्वीर लगी रथयात्रा भी निकाली गई। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद आयोजित सभा में सपा नेताओं ने कहा कि पीडीए मार्च लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है।

प्रदर्शन का नेतृत्व सपा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के कारण लोगों के मताधिकार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अशोक यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए मताधिकार को लोकतंत्र की आत्मा माना गया है और इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव किसी एक राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का मुद्दा होगा। उन्होंने दावा किया कि पीडीए समाज अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक है और आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।

पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने कहा कि पीडीए समाज अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने अपना जनादेश दिया था और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी जनता भाजपा को जवाब देगी।

पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया ने कहा कि पीडीए समाज ने अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने सरकार पर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी और महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

पूर्व विधायक जगतम्बा सिंह पटेल ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं और इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।

सभा के समापन से पहले संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मताधिकार के महत्व पर चर्चा की गई। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

विशाल धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव आदर्श यादव ने किया। कार्यक्रम में सुरेंद्र सिंह पटेल, आशीष यादव, मुन्नी यादव, परवेज खान, रोहित शुक्ला, कीर्ति कोल, रविंद्र बहादुर सिंह, दामोदर मौर्या, रामराज पटेल, लालता बियार, राजेश भारती, अभय यादव, विशाल यादव, कौशिक कन्नौजिया, परवीन बानो, अतीक खान, श्याम अचल यादव, डॉ. सुनील पटेल, शैलेष पटेल, राणा प्रताप सिंह, डॉ. शक्ति श्रीवास्तव, मीना देवी, सुनीता देवी, सलमा, पंकज उपाध्याय, अनिल यादव, जितेंद्र यादव, अनीस खान, सैफ अंसारी, हरिशंकर यादव, सौरभ पटेल, आकांक्षा यादव, विजय पटेल, राकेश यादव, विनोद यादव, पंकज कोल, उपेंद्र तिवारी, अभिषेक दूबे, मेवालाल प्रजापति, लवकुश प्रजापति, वंदना गुप्ता समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।