मीरजापुर में 151 टीबी मरीजों को मिला पोषण सहयोग, मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने की अभियान की सराहना

 मीरजापुर के मझवां में 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने अभियान की सराहना करते हुए 50 मरीजों को गोद लेने का आश्वासन दिया।
 

मीरजापुर,। प्रदेश में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को मझवां विकासखंड के 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराई गई।

कछवा क्रिश्चियन अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की मौजूदगी में मरीजों को गोद लेने की पहल की गई।

कार्यक्रम के दौरान कछवा क्रिश्चियन अस्पताल ने 85, हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन चितईपुर वाराणसी ने 50, पूर्व कछवा नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. पंधारी यादव ने 11, पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एलएस मिश्रा ने 5, मीरजापुर के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुदीप कुमार सिंह ने 5 और टीबी चैंपियन राकेश कुमार ने 2 मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराते हुए उन्हें गोद लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि पहले टीबी को लेकर लोगों में काफी भय रहता था, लेकिन अब बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं, जांच और उपचार की उपलब्धता से यह बीमारी उपचार योग्य है। उन्होंने मरीजों से पौष्टिक खान-पान, साफ-सफाई, चिकित्सकों की सलाह और नियमित रूप से दवा का सेवन करने की अपील की।

मंत्री ने मरीजों के सहयोग के लिए आगे आए नि:क्षय मित्रों के प्रयासों की भी सराहना की और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने आगामी टीबी मरीजों के गोद कार्यक्रम में स्वयं 50 मरीजों को गोद लेने का आश्वासन दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके मिश्रा ने कहा कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना पर्याप्त जानकारी रखने वाले लोगों से इलाज कराने के बजाय सरकारी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से टीबी मुक्त भारत के अभियान में सहयोग करने की अपील की।

पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एलएस मिश्रा ने टीबी मरीजों को दवा नियमित रूप से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दवा सेवन में एक दिन का भी अंतर नहीं होना चाहिए। साथ ही खांसते, छींकते और बोलते समय मुंह पर मास्क, रुमाल या गमछा रखने की अपील की।

कार्यक्रम का संचालन जिला क्षय रोग समन्वयक एवं रेडक्रॉस सोसायटी मीरजापुर के सदस्य सतीश शंकर यादव ने किया। उन्होंने लोगों को टीबी के प्रमुख लक्षणों और सरकारी स्तर पर उपलब्ध विभिन्न नि:शुल्क सुविधाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में कछवा क्रिश्चियन अस्पताल के प्रबंधक शंकर रामचंद्रन ने अतिथियों और मरीजों के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि मझवां के बाद संस्था की ओर से जिले के पिछड़े विकासखंड पटेहरा में भी जल्द ही जनसहयोग से विभिन्न कार्य किए जाएंगे।

इस अवसर पर अजय कुमार उपाध्याय, रामकुमार विश्वकर्मा, पवन कुमार उपाध्याय, सुदीप प्रजापति, हिमांशु त्रिपाठी, बबलू, नवीन सिंह सहित क्षय विभाग के दुर्गेश कुमार रावत, प्रदीप कुमार, प्रतीक कुमार, मनभावन, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।