नटवा तिराहे की बदहाली पर प्रशासन सख्त, दबाव के बाद दोबारा शुरू हुआ सड़क मरम्मत कार्य

 मीरजापुर के नटवा तिराहे पर गड्ढों और जलजमाव की समस्या के बाद सड़क मरम्मत कार्य दोबारा शुरू कराया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर राहत जताई।
 

मीरजापुर। नटवा तिराहे पर लंबे समय से गहरे गड्ढों और बारिश के पानी के जमाव से परेशान राहगीरों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार उठ रही आवाज के बाद प्रशासन के निर्देश पर मरम्मत कार्य दोबारा शुरू कराया गया।

सड़क की स्थिति खराब होने से आए दिन वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और कई राहगीरों के चोटिल होने की बात भी सामने आई थी।

स्थानीय पत्रकार एवं समाजसेवी तौसीफ अहमद ने नटवा तिराहे की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मार्ग की स्थिति सुधारने और तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

24 घंटे में शुरू हुआ काम, फिर रुक गया

प्रशासन के निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने करीब 24 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत का काम शुरू तो कराया, लेकिन कुछ समय बाद ही कार्य बंद हो गया।

इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी। लोगों का आरोप था कि सड़क की गंभीर समस्या के बावजूद काम को औपचारिकता तक सीमित रखा जा रहा है।

मामला दोबारा अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय पत्रकार और समाजसेवी तौसीफ अहमद ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से वार्ता की और सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग रखी।

मौके पर मौजूद रहकर कराया काम

वार्ता के बाद विभाग की ओर से नटवा तिराहे पर सड़क मरम्मत का काम फिर से शुरू कराया गया। तौसीफ अहमद भी मौके पर मौजूद रहे और भीषण गर्मी के बीच मरम्मत कार्य में सहयोग किया। इस दौरान नटवा चौकी पुलिसकर्मियों ने भी मौके पर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।

सड़क मरम्मत का काम दोबारा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। राहगीरों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो जाता है तो बरसात के दौरान आवागमन की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत केवल अस्थायी तौर पर न की जाए, बल्कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था के साथ मार्ग को स्थायी रूप से दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान दोबारा जलजमाव और गड्ढों की समस्या उत्पन्न न हो।