मीरजापुर में अनुप्रिया पटेल ने जल जीवन मिशन की समीक्षा, हर मजरे तक पहुंचेगा नल का पानी
मीरजापुर। केंद्रीय राज्यमंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक और जनपद की सांसद अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने हर घर तक नल से जल पहुंचाने, योजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों के अंतिम छोर पर बसे छोटे-छोटे मजरे तक भी नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ काम में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
टोल फ्री नंबरों का गांव-गांव कराया जाए प्रचार
बैठक में ग्रामीणों द्वारा कनेक्शन नहीं मिलने और कनेक्शन के बाद भी पानी की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतों पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों को टोल फ्री नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत भवनों, प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर टोल फ्री नंबर की वाल पेंटिंग कराकर उसे प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि ग्रामीण आसानी से शिकायत या कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकें।
अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण जल जीवन मिशन के ट्यूबवेल ऑपरेटर के पास उपलब्ध रजिस्टर में भी कनेक्शन के लिए आवेदन दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 18001212164, 1912 और 1076 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
1609 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का काम
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत जनपद में कुल नौ परियोजनाओं पर छह एजेंसियां काम कर रही हैं। 1609 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 10,525 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक 1573 गांवों में ग्राम प्रधानों की ओर से कार्य पूर्ण होने के प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं। वहीं 3,11,056 कनेक्शन के लक्ष्य के सापेक्ष 3,10,295 घरों में कनेक्शन किए जा चुके हैं।
802 जल मित्रों का चयन
बैठक में बताया गया कि गांवों में पेयजल योजनाओं के संचालन, रखरखाव और छोटी तकनीकी समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए 802 जल मित्रों का चयन किया गया है। इसके अलावा 446 ग्राम पंचायतों में जल अर्पण कार्यक्रम भी कराया जा चुका है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गांव में जल मित्रों का चयन कर उन्हें उनके दायित्वों के बारे में उचित प्रशिक्षण दिया जाए।
पानी की गुणवत्ता की होगी नियमित जांच
अनुप्रिया पटेल ने पेयजल की शुद्धता पर विशेष जोर देते हुए समय-समय पर पानी की जांच कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जनपद के 1609 गांवों में पांच-पांच महिलाओं को पानी की टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित किया गया है और उन्हें फील्ड टेस्टिंग किट भी उपलब्ध कराई गई है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने प्रशिक्षित महिलाओं की सूची और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पानी की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी से भी जांच कराई जाए।
लीकेज की शिकायत पर तत्काल हो मरम्मत
केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पाइपलाइन में लीकेज या क्षति की शिकायत मिलने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन घरों में अभी कनेक्शन नहीं है और लोग कनेक्शन लेना चाहते हैं, वहां आवेदन लेकर जल्द कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक के दौरान जल सारथी एप के माध्यम से लालगंज क्षेत्र के बेलहा, गांदपुर, मोहनपुर भवरख और सिकंदरपुर मठना समेत अन्य गांवों में कराए गए कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
नगरीय पेयजल परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
केंद्रीय राज्यमंत्री ने नगर निकाय क्षेत्रों में जल निगम नगरीय की ओर से कराई जा रही अमृत और अमृत योजना-2.0 की परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि नगर पालिका परिषद मीरजापुर की पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं में दो पूरी हो चुकी हैं, जबकि तीन पर काम जारी है। अहरौरा और कछवां नगर पालिका में भी एक-एक परियोजना निर्माणाधीन है।
नगर पालिका चुनार में पेयजल योजना के निर्माण के लिए 126.85 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को वित्त व्यय समिति से अनुमोदन मिल चुका है। वहीं मीरजापुर नगर पालिका के पक्का पोखरा वार्ड में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए 14.03 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है।
31 अगस्त तक काम पूरा करने का निर्देश
नगर क्षेत्र में जल निगम के कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय को 31 अगस्त 2026 तक संबंधित कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने केंद्रीय राज्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा और जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।