नगर पालिका की सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, भू-माफियाओं के खिलाफ जांच की मांग

 मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र में नगर पालिका की सार्वजनिक जमीन पर कथित अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 

 

मिर्ज़ापुर। मिर्ज़ापुर में नगर पालिका परिषद की सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। थाना कटरा कोतवाली क्षेत्र के बाग कुंजल गिरि मोहल्ले के निवासी उबैद अहमद ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के कुछ लोगों ने आपसी मिलीभगत से नगर पालिका की सार्वजनिक खुली भूमि पर कब्जा करने की साजिश रची है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस उद्देश्य से कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अभिलेखों में हेराफेरी का प्रयास किया गया, ताकि सरकारी जमीन पर अवैध दावा किया जा सके।

पीड़ित के अनुसार जिस भूमि को लेकर विवाद है, उसका उपयोग वर्षों से मोहल्ले के लोग शादी-विवाह, मट्टी-मजलिस और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए करते रहे हैं। ऐसे में यदि इस जमीन पर कब्जा हो जाता है तो स्थानीय लोगों को सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

शिकायत में फरात खाँ, रोशन और सुहेल खाँ सहित कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर सार्वजनिक संपत्ति को निजी नाम पर दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उबैद अहमद और स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, अभिलेखों की सत्यता की जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा निष्कर्ष आने तक सभी आरोपित कानून की नजर में निर्दोष हैं।