IPS अंशिका वर्मा के स्टिंग ऑपरेशन से बच्चा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का निवासी डॉ. संजय कुमार है। वह अपने सहयोगी डॉ. केशव राम उर्फ मंजेश तथा नर्स सीता के साथ मिलकर अवैध रूप से बच्चों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क संचालित कर रहा था। आरोप है कि गिरोह एक कथित एबॉर्शन एवं एडॉप्शन सेंटर की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम देता था।
मनोना धाम से हुआ था मासूम का अपहरण
गौरतलब है कि 24 मई को बरेली के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मनोना धाम से डेढ़ वर्षीय ऋषभ का अपहरण कर लिया गया था। मामले की जांच के दौरान महिला एसओजी टीम ने आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद योगेश कनौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था।
पूछताछ में खुला बड़े नेटवर्क का राज
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को बच्चों की तस्करी करने वाले बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि आरोपी अपने साथी उत्तम कुमार के साथ मिलकर गिरोह के लिए काम करते थे। ये लोग अस्पतालों, मेलों, धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बच्चों का अपहरण कर गिरोह तक पहुंचाते थे, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम दी जाती थी।
दिल्ली-मुंबई तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह चोरी और अपहरण किए गए बच्चों को दिल्ली, मुंबई सहित कई बड़े शहरों में निसंतान एवं संपन्न दंपतियों को बेचता था। बच्चों की उम्र और मांग के आधार पर सौदे तय किए जाते थे तथा एक बच्चे के लिए 5 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
IPS अंशिका वर्मा ने ग्राहक बनकर किया स्टिंग ऑपरेशन
गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई। आईपीएस अंशिका वर्मा ने खुद संभावित ग्राहक बनकर डॉ. संजय कुमार से संपर्क किया और बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान आरोपी डॉक्टर ने पांच लाख रुपये में नवजात बच्चा उपलब्ध कराने की बात कही तथा अग्रिम राशि जमा कराने की शर्त रखी।
योजना के तहत अंशिका वर्मा आरोपी के सेंटर पहुंचीं। वहां डॉ. संजय कुमार, डॉ. केशव राम और नर्स सीता मौजूद थे। जैसे ही आरोपियों ने टोकन मनी के रूप में दी गई नकदी स्वीकार की, अंशिका वर्मा ने अपनी पहचान उजागर कर दी। इसके बाद पहले से तैनात महिला एसओजी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कई मामलों की जांच जारी
पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक कई बच्चों की अवैध बिक्री कर चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।