सीएम योगी का सख्त संदेश! 'नकल माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे', छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
फतेहपुर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब कई राज्यों तक पहुंच चुका है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "नकल माफिया मिट्टी में मिलेंगे, उन्हें कोई बचा नहीं सकता।"
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी नकल माफियाओं को संरक्षण देती रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो दल पहले ऐसे लोगों को बढ़ावा देते थे, वही आज छात्रों के मुद्दे पर "घड़ियाली आंसू" बहा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए कम से कम 10 वर्ष के कारावास और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है, जिसे संसद में पेश किया जाना है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई अधिकांश सरकारी भर्तियां विवादों में रहीं और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और पिछले सवा नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने दोहराया है कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।