चिरईगांव स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था का आरोप, दवाएं और डॉक्टर न मिलने से ग्रामीण परेशान
चंदौली।अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें अब सामने आई हैं। गुरुवार को पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने का दावा किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित रूप से दवाएं उपलब्ध नहीं रहतीं और डॉक्टरों के भी समय पर नहीं मिलने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में तैनात चिकित्सक सुबह 9:06 बजे पहुंचे। इस पर पूर्व विधायक ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सक की उपस्थिति को लेकर जवाब-तलब किया। खबर के अनुसार, चिकित्सक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका।
दवा और डॉक्टर की उपलब्धता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने पूर्व विधायक को बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर उन्हें आवश्यक दवाएं नहीं मिलती हैं। डॉक्टर के नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की।
ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में दूसरे अस्पतालों और निजी चिकित्सा केंद्रों की ओर जाना पड़ता है।
अस्पताल में पंखा और समरसेबल चोरी
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि अस्पताल परिसर में लगाए गए पंखे और समरसेबल चोरी हो चुके हैं। अस्पताल परिसर में बड़ी मात्रा में घास-फूंस उगने की बात भी सामने आई। इससे ग्रामीणों के बीच जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहने की चिंता जताई गई।
क्षतिग्रस्त बाउंड्री से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्री क्षतिग्रस्त होने की वजह से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होने की बात कही गई। आरोप है कि बाउंड्री खराब होने के कारण अराजकतत्वों का परिसर में आना-जाना बना रहता है।
इसके अलावा चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के रात में अस्पताल परिसर में नहीं रुकने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान उठाया गया।
करोड़ों की लागत से बने आवास, फिर भी नहीं रुकते कर्मचारी
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सकों और कर्मचारियों के ठहराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण कराया गया है, इसके बावजूद रात के समय स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं रुकने से ग्रामीणों को परेशानी होती है।
रात में आपात स्थिति आने पर मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है।
सीएमओ से फोन पर हुई बातचीत
निरीक्षण के बाद पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने चंदौली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से टेलीफोन पर बातचीत कर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव की समस्याओं से अवगत कराया।
उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य कमियों को दूर कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए और अस्पताल में तैनात चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों का ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
15 दिन में व्यवस्था सुधारने का भरोसा
सीएमओ की ओर से पूर्व विधायक को 15 दिनों के भीतर स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिया गया।
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों की उम्मीद अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव में सामने आई समस्याओं के बाद अब ग्रामीणों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है।
दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की समय पर मौजूदगी, परिसर की सफाई, चोरी की घटनाओं पर रोक और रात में स्वास्थ्य कर्मियों के ठहराव जैसी समस्याओं का समाधान होने से स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है।
अब देखना होगा कि सीएमओ की ओर से दिए गए 15 दिनों के आश्वासन के भीतर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।
नोट: खबर में अस्पताल की अव्यवस्था और अन्य कमियों से संबंधित बातें निरीक्षण के दौरान लगाए गए आरोपों एवं शिकायतों के आधार पर हैं। संबंधित स्वास्थ्य विभाग का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।