चंदौली में लाइब्रेरी की आड़ में चल रहा था शेयर बाजार ठगी का नेटवर्क, मुख्य संचालक समेत 12 गिरफ्तार

 

चंदौली। जिले के बलुआ थाना क्षेत्र में पुलिस और साइबर सेल ने साइबर ठगी के एक नए मॉडल का खुलासा करते हुए फर्जी निवेश सलाह केंद्र का पर्दाफाश किया है।

सराय रसूलपुर गांव में लाइब्रेरी की आड़ में कथित तौर पर शेयर बाजार और निवेश के नाम पर लोगों से संपर्क कर उनके डीमैट और ट्रेडिंग खातों को संभालने वाला नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य संचालक समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 24 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 42 सिम कार्ड, 250 जीबी की हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को बलुआ पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि सराय रसूलपुर गांव में “Readers Community Club” के नाम से संचालित लाइब्रेरी में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आनंद मौर्या के मकान में संचालित परिसर पर पहुंचकर जांच की। वहां कई लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से काम करते मिले।

पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे काम का संचालन आनंद मौर्या करता था। उसके द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों और संभावित ग्राहकों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए जाते थे। इन नंबरों पर संपर्क कर आरोपी खुद को शेयर बाजार और स्टॉक मार्केट का जानकार तथा निवेश सलाहकार बताते थे। ग्राहकों को अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, विश्वास में लेने के बाद आरोपियों द्वारा संबंधित लोगों के डीमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद इन खातों को कथित तौर पर आरोपी स्वयं संभालते हुए शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते थे। ट्रेडिंग में नुकसान होने पर उसका भार खाताधारक को उठाना पड़ता था। नुकसान होने के बाद आरोपी मोबाइल फोन बंद कर देते थे, जिससे ग्राहक उनसे संपर्क नहीं कर पाते थे।

पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश मौर्या, जोगिंदर मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या, अभिषेक विश्वकर्मा, विकास शर्मा, कुशवाहा, प्रीतम कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, आकाश मौर्या, विशाल गौड़ और विशाल मौर्या के रूप में हुई है। इनके पास से 21 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए गए।

जांच के दौरान टेबल पर सीगेट कंपनी की 250 जीबी की इंटरनल हार्ड डिस्क भी मिली। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह हार्ड डिस्क मुख्य संचालक आनंद मौर्या की है और इसका इस्तेमाल डेटा सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था।

मौके से बरामद एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर पुलिस की जांच में अहम कड़ी साबित हुए। इनके अवलोकन में करीब 250 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर बाजार तथा ट्रेडिंग से संबंधित प्रविष्टियां मिलीं। पुलिस टीम ने डायरी में दर्ज कुछ मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। इनमें से तीन लोगों ने पुलिस को बताया कि शेयर बाजार से जुड़ी गतिविधियों के दौरान उन्हें कुल करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी या आर्थिक क्षति हुई है।

इसके बाद पुलिस ने मुख्य संचालक आनंद मौर्या की तलाश तेज कर दी। मुखबिर की सूचना पर उसे सुरतापुर काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एप्पल और एचपी कंपनी के दो लैपटॉप तथा आईक्यूओओ, आईफोन और लावा कंपनी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, एक ही परिसर में बड़ी संख्या में लोगों का मोबाइल और लैपटॉप के जरिए काम करना, शेयर बाजार के ग्राहकों, खातों को संभालने, लाभ-हानि, सदस्यता और हिस्सेदारी से संबंधित डायरी एवं रजिस्टर मिलना तथा कुछ लोगों द्वारा आर्थिक नुकसान की जानकारी दिया जाना प्रथम दृष्टया संगठित तरीके से निवेश सलाह और डीमैट-ट्रेडिंग खातों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करता है।

पूछताछ में मुख्य आरोपी आनंद मौर्या ने कथित तौर पर बताया कि वह अपनी टीम के साथ अलग-अलग ग्राहकों से फोन पर संपर्क करता था और खुद को शेयर बाजार का जानकार तथा निवेश सलाहकार बताकर अधिक लाभ दिलाने का भरोसा देता था।

इसके बाद ग्राहकों के डीमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी लेकर उनकी ओर से ट्रेडिंग की जाती थी। नुकसान होने पर संबंधित खाताधारक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था और इसके बाद मोबाइल फोन बंद कर दिए जाते थे।

इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान में 4 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, मोबाइल फोन में लगे 42 सिम कार्ड, 250 जीबी की सीगेट हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो हस्तलिखित रजिस्टर शामिल हैं।

पुलिस ने मामले में थाना बलुआ में मुकदमा अपराध संख्या 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, संभावित पीड़ितों और ठगी के तरीके के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में एनसीआरबी पोर्टल और अन्य माध्यमों से भी विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनंत कुमार भार्गव, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल पवन यादव, कांस्टेबल नौशाद अली और रिजर्व कांस्टेबल अनमोल वर्मा शामिल रहे।