चंदौली में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल! स्कूल में पढ़ाई की जगह बच्चों से कराई गई मजदूरी...

यूपी के चंदौली में स्कूल मरम्मत के दौरान बच्चों से ईंट-बालू ढुलवाने का वीडियो वायरल, अभिभावकों में आक्रोश, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल।

 

चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वायरल वीडियो में देखा गया है कि कंपोजिट विद्यालय रूपेठा में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों से स्कूल मरम्मत के दौरान ईंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री ढुलाई का काम कराया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय की है जब स्कूल में मरम्मत कार्य चल रहा था। वीडियो में मासूम बच्चे तेज धूप में भारी सामान ढोते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

एक ओर जहां सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को स्कूल से जोड़ने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं इन दावों की हकीकत को उजागर करती हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों से इस प्रकार का काम कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि शिक्षक बच्चों को स्कूल लाने के लिए घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन स्कूल में उनसे पढ़ाई के बजाय मजदूरी कराई जा रही है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है।

इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

यह घटना न सिर्फ चंदौली बल्कि पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकती है।