चंदौली में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, DM ने दिखाई जागरूकता रैली को हरी झंडी!

 चंदौली में 28 जून से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान के तहत 3,07,618 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।
 
 3 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा

 

चंदौली। जनपद को पोलियो मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से 28 जून 2026 (रविवार) को आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के 3,07,618 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की शुरुआत से पहले जागरूकता फैलाने के लिए सदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चंदौली से विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यथार्थ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, झांसी के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई यह रैली कचहरी होते हुए पुनः प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। रैली का उद्देश्य लोगों को पल्स पोलियो अभियान के प्रति जागरूक करना और प्रत्येक बच्चे तक 'दो बूंद जिंदगी की' पहुंचाने का संदेश देना था।

हर बच्चे तक पहुंचेगी पोलियो की दवा

रैली को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि जनपद का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि ईंट-भट्ठों, मलिन बस्तियों और दूर-दराज के गांवों में रहने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि अभियान शत-प्रतिशत सफल हो सके।

976 बूथ, 38 ट्रांजिट और 18 मोबाइल टीमें रहेंगी सक्रिय

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि जिले में पल्स पोलियो अभियान के लिए 976 बूथ, 38 ट्रांजिट टीमें और 18 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। बूथ दिवस के बाद सोमवार से शुक्रवार तक 616 घर-घर टीमें छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए घर-घर जाएंगी।

प्रतिरोधी क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

सीएमओ ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कुछ परिवार पोलियो की दवा पिलाने को लेकर हिचकिचाहट रखते हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से नियामताबाद ब्लॉक के दुलहीपुर, रेमा और नई बस्ती जैसे क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों की मदद से सभी बच्चों तक पहुंच बनाई जाएगी।

प्रशिक्षण पूरा, होगी सख्त निगरानी

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमित दूबे ने बताया कि अभियान में बायोवैलेंट पोलियो वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। सभी स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा अधिकारियों का प्रशिक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियान की निगरानी के लिए जनपद एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की टीमें भी क्षेत्र का निरीक्षण करेंगी। प्रतिदिन शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में फीडबैक बैठक आयोजित कर अभियान की समीक्षा की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमित दूबे तथा डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।