पितृपक्ष में नरौली गंगा घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने किया पितरों का तर्पण

 

चंदौली। पितृपक्ष के दौरान शनिवार को जीवित्पुत्रिका के दिन नरौली गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने गंगा में स्नान के बाद विधि-विधान से अपने पितरों का तर्पण और श्राद्ध किया। घाट पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया।

 

गंगा में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने किया तर्पण

हर वर्ष की तरह इस बार भी पंडित मुन्ना मिश्रा के मार्गदर्शन में नरौली गंगा घाट पर तर्पण कराया गया। बताया गया कि यह अनुष्ठान पितृ विसर्जन तक जारी रहेगा। सुबह करीब 6:30 बजे से 7:30 बजे तक श्रद्धालु गंगा में नाभि तक जल में खड़े होकर जौ, चावल, काली तिल और फूल के साथ अपने पूर्वजों का तर्पण करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

पितरों की कृपा के लिए 15 दिनों तक होती है पूजा

पंडित मुन्ना मिश्रा ने बताया कि तर्पण पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने की धार्मिक परंपरा है। पितृपक्ष के दौरान 15 दिनों तक विधि-विधान से पूजा और तर्पण करने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि तर्पण और श्राद्ध कर्म को पितृ दोष से मुक्ति की धार्मिक मान्यता से भी जोड़ा जाता है।

 

 

घाट पर दिखी श्रद्धा और आस्था की तस्वीर

नरौली गंगा घाट पर सुबह के समय श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा वातावरण धार्मिक नजर आया। लोगों ने गंगा जल में खड़े होकर मंत्रोच्चार के बीच अपने पूर्वजों को जल अर्पित किया। तर्पण के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज के कल्याण की भी कामना की। कार्यक्रम में सनत कुमार त्रिपाठी, रमेश पाल, भरत रस्तोगी, पप्पू पांडेय, वीरेंद्र मौर्य, नागेंद्र सिंह, राजा यादव, डब्बू गुप्ता, अनंत बहेलिया, कैलाश बहेलिया, रामाधार बहेलिया, दिनेश सेठ, अमरनाथ ठठेरा, राकेश चौरसिया, आलोक केशरवानी, अजय मिश्रा, पुद्दन सेठ, सत्यम रस्तोगी, टीनू रस्तोगी, सोनू रस्तोगी और अवधेश ठठेरा समेत कई लोग मौजूद रहे।