ब्याज के रुपये और रंजिश बने हत्या की वजह, रेलवे लोको पायलट ने दिलाई थी मनोज कुमार की सुपारी

चंदौली पुलिस ने मनोज कुमार हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि ब्याज के रुपये और पुरानी रंजिश के चलते रेलवे लोको पायलट ने बिहार के शूटरों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी।
 
 

चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मनोज कुमार हत्याकांड का चंदौली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्याज के लेन-देन और व्यक्तिगत रंजिश के चलते रेलवे के एक लोको पायलट ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर बिहार के शूटरों से मनोज कुमार की हत्या कराई थी।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। घटना में शामिल एक शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

उधारी के रुपये बने जानलेवा विवाद

पुलिस के अनुसार, मृतक मनोज कुमार ने वर्ष 2020 में रेलवे लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह को लगभग तीन लाख रुपये उधार दिए थे। समय के साथ ब्याज जुड़ने पर यह रकम करीब सात लाख रुपये तक पहुंच गई थी। मनोज लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।

जांच के दौरान पुलिस को मृतक की डायरी भी मिली, जिसमें ब्याज पर दिए गए रुपयों का पूरा हिसाब दर्ज था। पुलिस का कहना है कि आर्थिक विवाद के साथ-साथ कुछ व्यक्तिगत कारण भी आरोपी की नाराजगी की वजह बने।

बिहार के शूटरों को दी गई थी सुपारी

पुलिस जांच में सामने आया कि कृष्ण भगवान सिंह ने बिहार के बक्सर निवासी भारत सिंह से संपर्क कर हत्या की साजिश रची। इसके बाद भोजपुर निवासी सूरज उर्फ राजेश यादव को भी इस योजना में शामिल किया गया। हत्या के लिए डेढ़ लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।

आरोप है कि मुख्य साजिशकर्ता ने शूटरों के रहने, खाने और हथियारों की व्यवस्था की। साथ ही घटना से पहले उन्हें इलाके की रेकी भी कराई गई ताकि हत्या के बाद आसानी से फरार हुआ जा सके।

रुपये दिलाने के बहाने बुलाया, फिर बरसाईं गोलियां

पुलिस के मुताबिक 6 जून को आरोपी ने मनोज कुमार को रुपये दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ बुलाया। दोनों साइकिल से निकले, जबकि पीछे बाइक पर सवार शूटर उनका पीछा कर रहे थे। पटरिया गांव के पास पहुंचते ही शूटरों ने मनोज कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

सिर और सीने में गोली लगने से मनोज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों हमलावर बिहार की ओर फरार हो गए, जबकि मुख्य आरोपी अपने सरकारी आवास लौट गया।

मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भोजपुर निवासी सूरज उर्फ राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे दबोच लिया।

उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है