चंदौली में जमुनीपुर माइनर सूखी, किसानों का प्रदर्शन! सैकड़ों एकड़ धान की फसल पर मंडराया संकट

चंदौली के जमुनीपुर माइनर में सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने से किसानों ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों एकड़ धान की फसल सूखने की कगार पर है। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द पानी छोड़ने की मांग की।
 
चंदौली में सिंचाई संकट गहराया! जमुनीपुर माइनर में पानी नहीं पहुंचने पर किसानों का प्रदर्शन

 

चंदौली। जनपद में सिंचाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जमुनीपुर माइनर में समय पर पानी नहीं पहुंचने से क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। पानी के अभाव में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

 

पिपरी ग्राम सभा के किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद फसल को समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। लगातार पानी की कमी के कारण खेतों में लगी धान की फसल सूखने लगी है। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।

समस्या से परेशान होकर करीब 10 किसानों ने जमुनीपुर माइनर में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। किसानों ने कहा कि चंदौली को प्रदेश का 'धान का कटोरा' कहा जाता है, लेकिन यदि समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिलेगा तो किसानों की मेहनत और पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रत्येक माह जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में माइनरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि अधिकारी बैठकों तक ही सीमित रह जाते हैं, जबकि किसानों की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।

किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल जमुनीपुर माइनर में पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान सोनू तिवारी, नंदू बिंद, लोचन, जोखन, सोमारो सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों का कहना है कि समय रहते सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो इस बार धान उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है।