गंगा किनारे की जमीन पर बवाल! चंदौली के किसानों ने खोला मोर्चा, चकबंदी अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
चंदौली। धानापुर विकासखंड के गुरैनी गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सामने आया है। ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि धारा-52 के तहत चल रही कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। सड़क और गंगा किनारे स्थित मूल्यवान भूमि के आवंटन में पक्षपात किया गया है, जिससे गरीब और सीमांत किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
ग्रामीण खरपत राम ने बताया कि गांव की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर है और बड़ी संख्या में किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी में आते हैं। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग धनबल के जरिए अपने पक्ष में चक कटवा रहे हैं, जबकि गरीब किसानों की जमीनों को कम उपजाऊ क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी शिकायतों को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से अब उन्होंने प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को गुरैनी पंप कैनाल पहुंचे जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से भी उन्होंने मामले की शिकायत की और मौके पर निरीक्षण की मांग की। हालांकि किसानों का आरोप है कि उनकी बातों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीण हरिओम मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में वासुदेव निषाद, दशमी निषाद, महेंद्र निषाद, संतोष निषाद, दिलीप, राजेश, संजय, रामअवध, हरिओम मिश्रा, बालकिशन यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।