वाराणसी में झंडा विवाद ने लिया उग्र रूप: भीड़ के हमले में ACP घायल, 61 पर केस दर्ज, 4 गिरफ्तार
वाराणसी के चोलापुर के नेहिया गांव में झंडा विवाद हिंसक हो गया। पत्थरबाजी में ACP समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने 61 लोगों पर केस दर्ज कर 4 को गिरफ्तार किया, इलाके में भारी फोर्स तैनात।
वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को हिंसक टकराव में बदल गया। दो समुदायों के बीच बढ़े तनाव के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एसीपी सारनाथ समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और मौके पर अतिरिक्त फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, गांव के प्रवेश द्वार पर रामनवमी के अवसर पर भगवा झंडा लगाया गया था। इसके बाद अंबेडकर जयंती के दिन दूसरे पक्ष द्वारा नीला झंडा लगाया गया। झंडा हटाने और जलाने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
गुरुवार सुबह दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम को भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। अचानक हुए पथराव में एसीपी विदुष सक्सेना के सिर पर चोट आई, जबकि इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
इस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा और सरकारी कार्य में बाधा समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर की जा रही है।
स्थिति को देखते हुए आसपास के कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी को भी तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।