विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
चंदौली। उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के विरोध में चंदौली जनपद के किसानों एवं मजदूरों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर परियोजना को निरस्त करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे चंदौली विकासखंड के दो दर्जन से अधिक गांवों से होकर गाजीपुर तक प्रस्तावित है। इस मार्ग से प्रभावित होने वाले किसान और ग्रामीण लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि प्रस्तावित मार्ग के पूर्व में पहले से एनएच-219बी तथा पश्चिम दिशा में भरतमाला परियोजना मौजूद है। ऐसे में एक और एक्सप्रेसवे की आवश्यकता समझ से परे है। उनका कहना है कि नई परियोजना से अनावश्यक रूप से कृषि भूमि का अधिग्रहण होगा, जिससे हजारों किसान और मजदूर प्रभावित होंगे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित मार्ग के बीच कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई नदी जैसी प्रमुख नदियां पड़ती हैं। बरसात के दौरान इन नदियों में बाढ़ आने से पुल निर्माण चुनौतीपूर्ण होगा, जिससे परियोजना की लागत बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों की खेती और जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को निरस्त करने की मांग की है।