33 साल बाद भी भवन को तरस रहा खड़ान का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, ग्रामीणों ने उठाई निर्माण की मांग
धानापुर (चंदौली)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच धानापुर विकासखंड की खड़ान ग्राम पंचायत स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अब तक अपने भवन की प्रतीक्षा कर रहा है। वर्ष 1993 में स्वीकृत इस चिकित्सालय को तीन दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद अपना भवन नहीं मिल सका है। ऐसे में अस्पताल के निर्माण और नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने की मांग उठने लगी है।
खड़ान ग्राम पंचायत सचिवालय और राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सामने क्षेत्र पंचायत सदस्य, समाजसेवी एवं भावी प्रधान प्रत्याशी प्रेम सिंह ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से अस्पताल के भवन निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से चिकित्सालय में नियमित डॉक्टर की नियुक्ति कराकर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित कराने की अपील की।
प्रेम सिंह के मुताबिक, खड़ान में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय वर्ष 1993 से स्वीकृत है। शुरुआती दौर में यह चिकित्सालय उनके चाचा के घर से संचालित होता था, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी अस्पताल को अपना भवन नहीं मिल पाया है। उनके अनुसार, भवन और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को चिकित्सालय का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी दूरदराज के अस्पतालों तक जाना पड़ सकता है। यदि खड़ान में चिकित्सालय का भवन बन जाए और नियमित रूप से चिकित्सक की तैनाती हो, तो स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही उपचार की सुविधा मिल सकती है। इससे खड़ान के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रेम सिंह ने शासन और जिला प्रशासन से मामले को जनहित से जुड़ा मानते हुए आवश्यक बजट स्वीकृत करने, भवन निर्माण कराने और चिकित्सक की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ कब तक मिल पाता है।