मानसून से पहले अलर्ट! मुगलसराय-बबुरी-लेवा रोड पर DM का सख्त एक्शन, पुलिया-नाली निर्माण में देरी पर चेतावनी

चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मुगलसराय-बबुरी-लेवा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों को मानसून से पहले पुलिया और ड्रेनेज निर्माण पूरा करने तथा गुणवत्ता से समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए।
 
मुगलसराय-बबुरी-लेवा मार्ग चौड़ीकरण पर DM का सख्त रुख, मानसून से पहले पुलिया और नाली निर्माण पूरा करने के निर्देश

चंदौली। जिले की महत्वपूर्ण मुगलसराय-बबुरी-लेवा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरुवार को निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन पुलियों और ड्रेनेज व्यवस्था की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए सभी पुलिया और नाली निर्माण कार्य वर्षा शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और उसकी नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

उन्होंने विभागीय अभियंताओं को मौके पर नियमित रूप से उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी करने और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्य की रफ्तार बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मैनपावर लगाने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड तथा कार्यदायी संस्था के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

जिले के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की सख्ती के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य तेज गति से पूरा होगा और मानसून के दौरान जलभराव व यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।