नहरों की मरम्मत में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, अंतिम छोर तक किसानों को पानी पहुंचाने के दिए निर्देश
चंदौली। खरीफ सीजन से पहले सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को नरायणपुर पम्प कैनाल नहर का स्थलीय निरीक्षण कर चल रहे सफाई एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नहरों का निर्माण और मरम्मत इस प्रकार किया जाए कि अंतिम छोर पर स्थित किसानों तक भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी पहुंच सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लौदा गांव के समीप नहर की चौड़ाई, गहराई, साइड स्लोप और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नहर के किनारों पर डाली गई मिट्टी को अच्छी तरह दबाने और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि पानी के दबाव से कटाव की समस्या उत्पन्न न हो।
डीएम ने नहर में निर्माणाधीन पक्की दीवार की गुणवत्ता, मोटाई और मजबूती की भी जांच की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद तकनीकी टीम द्वारा जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण में अनियमितता या किसानों तक पानी न पहुंचने जैसी शिकायतें मिलीं तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटिया सामग्री का उपयोग करने या कार्य में देरी करने वाले ठेकेदारों का भुगतान रोकने, जुर्माना लगाने तथा उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ग्राम बसंतु की मढ़ई में नहर के किनारे बने डौला के कारण सड़क पर फैली मिट्टी को तत्काल हटाने और तटबंध को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सभी छोटी-बड़ी मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा, सहायक अभियंता अनुराग सिंह सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।