नहरों के संचालन में देरी से धान की नर्सरी प्रभावित, किसानों ने उठाई आवाज
चंदौली/बरहनी। भारतीय किसान संघ की खंड बरहनी इकाई की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को शिवा नगर स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, संगठन विस्तार एवं आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान वर्ष 2027 तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने का संकल्प लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद क्षेत्र की नहरों का संचालन नहीं किया गया है, जिससे किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की।
बैठक में खाद, बीज और बिजली की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। किसानों ने कहा कि समय पर संसाधन उपलब्ध न होने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
विंध्य कॉरिडोर परियोजना के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो जिला एवं प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता खंड अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी ने की, जबकि संचालन खंड मंत्री बृजेश पांडेय ने किया। बैठक में ब्लॉक उपाध्यक्ष आपातनेते सिंह, जिला मंत्री विवेक पांडेय, प्रांत उपाध्यक्ष संतोष सिंह, प्रदेश मंत्री अखिलेश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हरिशंकर तिवारी, विवेक पांडेय, राजन सिंह, यशवंत सिंह, बृजेश पांडेय, अखिलेश सिंह समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने किसानों की एकजुटता एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।