चंदौली में नेहरू युवा केंद्र की स्वयंसेवक चयन प्रक्रिया पर विवाद, एबीवीपी ने डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग
चंदौली। नेहरू युवा केंद्र द्वारा राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक (वॉलंटियर) चयन प्रक्रिया को लेकर चंदौली में विवाद गहरा गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की चंदौली इकाई ने चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वर्तमान चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा पारदर्शी तरीके से चयन कराने की मांग की है।
एबीवीपी का कहना है कि 2 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक चयन साक्षात्कार के बाद कई अभ्यर्थियों ने संगठन से संपर्क कर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और पक्षपात की शिकायत की। इन्हीं शिकायतों के आधार पर परिषद ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
एबीवीपी ने उठाए ये प्रमुख सवाल
ज्ञापन में संगठन ने चयन प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। परिषद का आरोप है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। साक्षात्कार में प्राप्त अंकों और चयन का आधार सार्वजनिक नहीं किया गया। योग्य एवं पात्र अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई। चयन में पक्षपात और पूर्व निर्धारित चयन की आशंका है। चयन समिति और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी अभ्यर्थियों को उपलब्ध नहीं कराई गई।
वीडियो रिकॉर्डिंग और अभिलेखों की जांच की मांग
एबीवीपी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि यदि शासन के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है तो चयन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग, अभ्यर्थियों की संख्या, उनकी योग्यता, उपस्थिति पंजिका और मूल्यांकन अभिलेखों की जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो वर्तमान चयन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त कर पुनः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से साक्षात्कार कराया जाए।
दो दिन में जांच शुरू करने की मांग
परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि दो कार्यदिवस के भीतर सक्षम अधिकारी अथवा मजिस्ट्रेट से पूरे मामले की जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक चयन प्रक्रिया और नियुक्ति पर रोक लगाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। परिषद ने कहा कि युवाओं का चयन प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।