चंदौली में कांग्रेस की प्रेसवार्ता, महोबा कांड को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना
चंदौली। उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में दलित छात्रा के अपहरण, 16 दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म और अमानवीय व्यवहार के मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय तिपाठी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़िता के घर तक नहीं पहुंचा, जबकि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय स्वयं पीड़िता का दुख साझा करने उसके घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें रोकने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद वह पीड़ित परिवार से मिले।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उसके समर्थक अजय राय के पीड़िता से मिलने से बौखला गए और पूरे प्रदेश में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करा दिए गए। प्रेसवार्ता में कहा गया कि भाजपा के मंत्री और विधायक सार्वजनिक रूप से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का विरोध कर रहे हैं तथा उनकी संपत्ति की जांच की मांग उठा रहे हैं।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने आगरा नगर निगम द्वारा निजी बिजली कंपनी का करोड़ों रुपये बकाया माफ किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा की “काम लो, चंदा दो” नीति प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।
जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि यदि सरकार में साहस है तो अपने मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की भी जांच कराए, जिससे पिछले वर्षों में हुए कथित भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मिड-डे मील, सड़क निर्माण, अस्पतालों की दवाइयों और मनरेगा जैसी योजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसके साथ ही अयोध्या में विकास कार्यों के नाम पर भी भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे राहुल गांधी की विचारधारा के सिपाही हैं और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी एजेंसी से जांच कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भाजपा नेताओं की संपत्तियों की भी समान रूप से जांच होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य रूप से राजेन्द्र गौतम, दयाराम पटेल, रामानंद यादव, गंगा प्रसाद, शिवेन्द्र मिश्रा, जुगल किशोर, वंदेश यादव, राकेश सिंह, रामअवतार यादव, अमरदेव राम, सुभाष शास्त्री समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।