चंदौली में शिक्षक सम्मान समारोह, 16 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया गया सम्मानित, सीएम योगी ने शिक्षकों को किया संबोधित

 

चंदौली। जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और चकिया विधायक कैलाश खरवार बतौर अतिथि शामिल हुए। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से लाइव जुड़कर शिक्षकों को संबोधित किया।

सीएम योगी ने शिक्षकों के योगदान को सराहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों के योगदान के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यालयों को लगातार विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

परिषदीय विद्यालयों में बदलाव का दावा

कार्यक्रम में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक माहौल में पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है और विद्यालयों को आधुनिक स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ड्रेस, किताब समेत विभिन्न सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। विधायक ने शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी बनाने में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

पूर्व शिक्षक रहे विधायक कैलाश खरवार ने सुनाया अनुभव

चकिया विधायक कैलाश खरवार ने कहा कि विधायक बनने से पहले वह शिक्षक रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय परिषदीय विद्यालयों की स्थिति उन्होंने खुद देखी है, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्कूलों की व्यवस्थाओं में बदलाव आया है।

उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों को ज्ञान और सही दिशा देने में शिक्षक अहम भूमिका निभाते हैं। उनके योगदान से ही ग्रामीण और सरकारी स्कूलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

16 उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला सम्मान

बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विद्यालयों में बेहतर नामांकन कराने में योगदान देने वाले 59 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

खेलकूद के क्षेत्र में विद्यार्थियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए 27 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र दिया गया। वहीं, माध्यमिक विद्यालयों के 11 शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

शिक्षकों के प्रयासों की हुई सराहना

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक सम्मान कार्यक्रम के जरिए बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया।