चंदौली में दोहरे हत्याकांड का खुलासा, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
चंदौली। जिले के धीना थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया एक हसिया भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के पीछे जमीन और कटरे की खरीद-फरोख्त को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गावां गांव के पास नहर-नाले और सड़क किनारे दो अज्ञात व्यक्तियों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने पुलिस बल, फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था। शवों के परीक्षण में धारदार हथियार से चोट और गोली मारे जाने के साक्ष्य मिले थे। इस मामले में ग्राम प्रहरी राम जनम यादव की तहरीर पर धीना थाने में मुकदमा अपराध संख्या 92/2026 के तहत धारा 103(1) और 238 बीएनएस में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
कानपुर के रहने वाले थे दोनों मृतक
पुलिस की जांच के दौरान दोनों मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह (32) पुत्र स्वर्गीय अजेंद्र कुमार सिंह, मूल निवासी ग्राम बरहपुर, थाना नंदगंज, गाजीपुर और वर्तमान निवासी जेके कॉलोनी, जाजमऊ, कानपुर तथा सागर त्रिपाठी (35) पुत्र वीरेंद्र त्रिपाठी, निवासी यशोदा नगर, थाना नौबस्ता, कानपुर के रूप में हुई।
मामले के खुलासे के लिए धीना और धानापुर थाने की पुलिस के साथ सर्विलांस और फॉरेंसिक टीम को लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस डेटा और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धानापुर ब्लॉक परिसर के गेट के पास से दो वांछित आरोपियों सूर्यप्रकाश सिंह (24) पुत्र राकेश कुमार सिंह और विकास सिंह (34) पुत्र हरिहर सिंह, निवासी ग्राम मेढ़वा, थाना धानापुर, चंदौली को गिरफ्तार कर लिया।
कटरे की रजिस्ट्री को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि 21 अक्टूबर 2026 को धानापुर थाना क्षेत्र में घनश्याम सिंह के मकान पर शराब और मीट की पार्टी रखी गई थी। इसमें सूर्यप्रकाश सिंह का भाई रवि सिंह, गोलू सिंह, सिद्धार्थ सिंह और सिद्धार्थ का दोस्त सागर त्रिपाठी मौजूद थे। सभी के बीच नंदगंज के सादियाबाद मोड़ स्थित एक कटरे की खरीद और रजिस्ट्री को लेकर बातचीत हो रही थी। बताया जा रहा है कि कटरा सिद्धार्थ सिंह के नाम पर था।
इसी दौरान कटरे की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री को लेकर रवि सिंह और सिद्धार्थ सिंह के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर रवि सिंह और गोलू सिंह सिद्धार्थ को घर के बाहर सड़क पर ले गए, जहां उसे सीने में गोली मार दी गई। गोली चलने की आवाज सुनकर सागर त्रिपाठी अपने एक मित्र को फोन पर घटना की जानकारी देने लगा। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। सूर्यप्रकाश सिंह ने हसिया से सागर का गला रेत दिया, जबकि रवि सिंह ने उसे भी गोली मार दी।
स्कॉर्पियो और बोरे में भरकर ले गए थे शव
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपियों ने शवों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। अपने एक अन्य साथी की मदद से सागर का शव बोरे में भरा गया, जबकि सिद्धार्थ के शव को सूर्यप्रकाश सिंह की स्कॉर्पियो में रखा गया। इसके बाद दोनों शवों को डेढ़गावां-जमानिया बॉर्डर के पास ले जाया गया। वहां सिद्धार्थ का शव पुलिया के पास फेंक दिया गया, जबकि करीब एक किलोमीटर दूर सागर के शव को बोरे समेत नहर में डाल दिया गया। इसके बाद सभी आरोपी बनारस की ओर चले गए।
आलाकत्ल हसिया बरामद, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सूर्यप्रकाश सिंह की निशानदेही पर डेढ़गावां के पास झाड़ियों से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक हसिया बरामद किया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम में धीना थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन और धानापुर थाने के उपनिरीक्षक बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े तथ्यों की विवेचना जारी है।