चन्दौली में विकास कार्यों पर सीडीओ की पैनी नजर, आवास और सिंचाई योजनाओं का किया निरीक्षण
चन्दौली। जनपद में विकास कार्यों में तेजी लाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साँई ने मंगलवार को जिले के विभिन्न विकास खंडों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति, सिंचाई व्यवस्था तथा किसानों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के प्रथम चरण में सीडीओ ने विकास खंड नौगढ़ की ग्राम पंचायत मझगावा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना निदेशक (डीआरडीए), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, खंड विकास अधिकारी नौगढ़, ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान पात्र गरीब परिवारों को आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई।
सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराकर पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द पक्का आवास उपलब्ध हो सके।
इसके बाद उन्होंने विकास खंड चकिया की ग्राम पंचायत शिकारगंज स्थित भोखा बंधी का निरीक्षण किया। इस दौरान बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता, जूनियर इंजीनियर एवं स्थानीय किसान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनके खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि बंधी से किसानों के लिए शीघ्र जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो।
दौरे के अंतिम चरण में सीडीओ शहाबगंज पहुंचे, जहां नहर में जलस्तर बढ़ाने की मांग को लेकर किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनीं और मौके से ही संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर तत्काल स्थल पर पहुंचने तथा किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।