ROB के लिए मकान-जमीन के अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का आश्वासन, ग्रामीणों ने रखी शर्त

 कचमन में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक, जमीन-मकान के पारदर्शी मूल्यांकन की मांग; मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
 

चंदौली। रेलवे लाइन के ऊपर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण को लेकर कचमन गांव के पास प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई। सकलडीहा एसडीएम आकांक्षा सिंह ने ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजे की जानकारी दी।

प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को चार गुना मुआवजा दिए जाने की योजना की जानकारी दी गई है।

हालांकि, ग्रामीणों ने साफ कहा कि उनकी जमीन और मकानों का मूल्यांकन वर्तमान बाजार भाव के आधार पर किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने पारदर्शी सर्वे और उचित मूल्यांकन की मांग भी रखी।

ROB निर्माण के लिए जमीन और मकानों का होगा अधिग्रहण

एसडीएम ने बताया कि प्रस्तावित ROB के निर्माण के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित कुछ मकानों और जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण के बाद प्रभावित भवनों को हटाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

बाजार भाव पर मूल्यांकन की मांग

बैठक में ग्रामीणों ने मांग रखी कि अधिग्रहण के दौरान जमीन और मकानों का मूल्यांकन मौजूदा बाजार दर के आधार पर किया जाए। साथ ही सड़क के दोनों ओर समान अनुपात में भूमि अधिग्रहण करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि किसी एक तरफ के ग्रामीणों पर अधिक असर न पड़े।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया तो वे भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने की बात भी कही।

समानांतर बनाए जाएंगे दो ROB

एसडीएम आकांक्षा सिंह के अनुसार, सड़क के बीचोंबीच समानांतर दो ROB बनाए जाने की योजना है। इसके लिए सड़क के दोनों ओर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। बैठक का उद्देश्य ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित करना और निर्माण से पहले उनकी समस्याओं को समझना था।

प्रशासन, रेलवे और कार्यदायी संस्था के अधिकारी आपसी समन्वय से अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।

ग्रामीण बोले- विकास जरूरी, लेकिन उचित मुआवजा भी मिले

ग्रामीणों ने कहा कि ROB बनने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और इसका लाभ लोगों को मिलेगा। लेकिन विकास की कीमत स्थानीय लोगों को अपने मकान और जमीन से वंचित होकर नहीं चुकानी चाहिए।

ग्रामीणों ने अधिग्रहण से पहले पारदर्शी सर्वे, बाजार दर के आधार पर मूल्यांकन और समय पर मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है।