जर्जर सड़क पर पलटी सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाल-बाल बचे लोग, ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

 

 

 

 

चंदौली। धानापुर विकासखंड के नरहरपुर गांव में बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। सोमवार देर रात गांव की खराब सड़क पर सीमेंट से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के दौरान ट्रैक्टर पर सवार लोगों ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। राहत की बात रही कि दुर्घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।

 

ग्रामीणों के मुताबिक नरहरपुर गांव तक पहुंचने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है और आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। सोमवार रात भी खराब सड़क के कारण सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना सामने आई।

 

कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

 

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और खराब मौसम के दौरान सड़क की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है।

 

सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों में जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की मांग

ग्रामीण राम दयाल बिन्द, सुक्कू बिन्द, महेंद्र बिन्द, साहब यादव, सियाराम बिन्द, संग्राम बिन्द, नारायण विश्वकर्मा, बृजेश यादव, धर्मराज बिन्द, संजय बिन्द, क्षैबर बिन्द, हरिद्वार विश्वकर्मा, जय बिन्द, बेचन यादव और अर्जुन कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने चंदौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गांव से बाहर जाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सड़क नहीं बनी तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब राजनीतिक नाराजगी में बदलता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब उनके पास विरोध जताने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सड़क की मरम्मत नहीं होने की स्थिति में चुनाव के दौरान यह मुद्दा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बन सकता है।