"27 बोरी DAP गायब!" किसानों का हंगामा, सचिव पर खाद चोरी कर बिहार भेजने का आरोप
कंदवा (चंदौली)। बरहनी साधन सहकारी समिति में डीएपी खाद वितरण के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। किसानों ने समिति के सचिव पर 27 बोरी डीएपी खाद गायब करने और उसे बिहार में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर गुरुवार को किसानों ने समिति परिसर में जमकर हंगामा किया और विभागीय अधिकारियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों के अनुसार समिति पर कुल 300 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध थी, जिसका वितरण गुरुवार को किया जाना था। जब किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ खाद लेने पहुंचे तो स्टॉक की जांच में 27 बोरी डीएपी कम पाई गई। खाद की कमी सामने आते ही किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सचिव से जवाब मांगा।
मौके पर पहुंचे एडीओ कोऑपरेटिव राजेश सिंह ने भी 27 बोरी डीएपी के बारे में जानकारी ली, लेकिन सचिव कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे किसानों का संदेह और गहरा गया।
किसानों का आरोप है कि सचिव ने स्थानीय लोगों की मिलीभगत से रात के अंधेरे में खाद को बिहार भेजकर बेच दिया। चूंकि बरहनी क्षेत्र बिहार सीमा से सटा हुआ है, इसलिए लंबे समय से खाद की कालाबाजारी की आशंका जताई जाती रही है।
हंगामे के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदार लोग ही खाद की कालाबाजारी में लिप्त हैं। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए जरूरी संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए किसानों ने उच्चाधिकारियों को सूचना देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं एडीओ कोऑपरेटिव राजेश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल खाद की कथित कमी और कालाबाजारी के आरोपों ने सहकारी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की निगाह अब प्रशासनिक जांच और उसके परिणाम पर टिकी हुई है।