रामपथ पर साकार हुई त्रेतायुग की झलक, 21 भव्य झांकियों ने मोहा मन

 

अयोध्या। दसवें दीपोत्सव के अवसर पर रामनगरी अयोध्या में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामपथ पर निकली भव्य शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की याद दिला दी। प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित 21 आकर्षक झांकियों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जय श्रीराम के उद्घोष से रामपथ गुंजायमान रहा।

शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। रामजन्म और बाल लीलाओं से लेकर वनगमन, हनुमान-सुग्रीव मिलन, लंका दहन और रावण वध तक के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

इस बार महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर पारंपरिक थाप दी। नगाड़ों, ताशों और विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के लोकनृत्यों ने शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

तीन किलोमीटर की शोभायात्रा में रामायण और विकास की झलक

साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करते हुए शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। कुल 21 झांकियों में सात झांकियां रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीं, जबकि 14 झांकियों के माध्यम से प्रदेश सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

बालकांड से उत्तरकांड तक रामायण की कथा को आकर्षक दृश्य रूप में प्रस्तुत किया गया। रामजन्म, वनवास, ऋषियों से भेंट, हनुमान-सुग्रीव मिलन, सुंदरकांड में हनुमान के पराक्रम और लंकाकांड में रावण के साथ युद्ध के प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सरकारी योजनाओं की झांकियों में दिखी प्रदेश की विकास यात्रा

शोभायात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को भी प्रमुखता दी गई। जल जीवन मिशन, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), कृषि एवं पशुपालन, आयुष्मान कैशलेस योजना, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश पुलिस, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की गईं।

इसके अलावा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आत्मनिर्भर नारी और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी योजनाओं को भी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक लोककलाओं और नृत्य के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की।

दीपोत्सव अब पूरे विश्व का पर्व बन चुका है : जयवीर सिंह

शोभायात्रा की भव्यता को देखकर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव अब अलौकिक, दिव्य और भव्य आयोजन बन चुका है। यह पर्व केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे विश्व का पर्व बन गया है।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव हर वर्ष अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ता है और इस बार भी नया कीर्तिमान स्थापित करने की उम्मीद है। सातों कांडों पर आधारित झांकियां राम में अयोध्या, सनातन में अयोध्या और विरासत में अयोध्या का दर्शन करा रही हैं।

श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखी भक्ति, जय श्रीराम से गूंजा रामपथ

शोभायात्रा के दर्शन के लिए रामपथ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक जुटे। उन्नाव से आए सुशील कुमार, जौनपुर के राम कुमार और बलरामपुर की सुशीला ने रामायण के प्रसंगों और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के स्वरूपों के दर्शन करते रहे। कहीं लोग हाथ जोड़कर नमन करते नजर आए तो कहीं जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों की थाप, लोककलाओं की रंगत और रामायण के जीवंत प्रसंगों ने दसवें दीपोत्सव की शोभायात्रा को यादगार बना दिया।