प्रयागराज में बारिश बनी आफत, चार फीट तक पानी में डूबे घर और वाहन, स्मार्ट सिटी की व्यवस्था पर उठे सवाल

 प्रयागराज में लगातार बारिश से कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। 24 घंटे में 115 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। घरों के निचले हिस्सों में पानी भरने से लोग परेशान हैं।
 

प्रयागराज। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बीते 24 घंटे में 115 एमएम बारिश रिकॉर्ड होने के बाद प्रयागराज के कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।

कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है, जबकि कुछ इलाकों में घरों के निचले हिस्से में करीब चार फीट तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है। सड़क पर खड़े वाहन भी पानी में डूब गए हैं।

सुबह से जारी बारिश के कारण शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी, जबकि बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। लगातार बारिश के चलते लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पॉश इलाकों से सरकारी दफ्तरों तक जलभराव

बारिश का असर शहर के पॉश इलाकों से लेकर पुराने शहर तक दिखाई दे रहा है। सिविल लाइंस समेत कई प्रमुख इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हैं। पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के साथ ही कई थानों के गेट तक पानी में डूब गए हैं।

नगर निगम परिसर भी जलभराव से अछूता नहीं रहा। शहर को स्मार्ट बनाने के दावों के बीच नगर निगम के गेट के अंदर भी घुटनों से ऊपर तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है।

घरों में घुसा पानी, ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर परिवार

शहर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे से घरों के निचले हिस्सों में पानी भरा हुआ है। हालात बिगड़ने के बाद कई परिवारों को घर की ऊपरी मंजिल पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जलभराव के कारण घरों में रखा सामान खराब होने की चिंता भी लोगों को सता रही है। वहीं, सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है और कई वाहन पानी में फंसे या डूबे नजर आए।

बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों पर उठाए सवाल

लगातार बारिश के बाद शहर में बने जलभराव के हालात ने प्रयागराज की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पा रहा है, जिसके कारण कई इलाकों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।

फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है। शहर के जलभराव वाले इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और जलनिकासी की व्यवस्था पर लोगों की नजर है।