राहुल गांधी प्रयागराज पहुंचे, ‘छात्रों की गूंज’ में युवाओं से करेंगे संवाद; प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी साथ
प्रयागराज। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की बेटी मिराया वाड्रा भी मौजूद रहीं।
एयरपोर्ट से राहुल गांधी सीधे स्वराज भवन पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की। स्वराज भवन का नेहरू-गांधी परिवार से ऐतिहासिक संबंध रहा है और यह अब संग्रहालय के रूप में संरक्षित है।
राहुल गांधी शाम को केपी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम में प्रदेश के 23 जिलों से छात्र शामिल हो रहे हैं। पार्टी ने दावा किया है कि कार्यक्रम के लिए दो लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
कार्यक्रम में राहुल गांधी बेरोजगारी, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं। कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके मुद्दों को उठाना है।
प्रयागराज में कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से जगह-जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं। इनमें ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा’ जैसे नारे लिखे गए हैं।
दो लाख से अधिक छात्रों के पंजीकरण का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस के मुताबिक ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर छात्रों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की गई है। कुछ छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। वहीं, आवागमन के लिए ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर पंडाल तैयार किया गया है। इसके पीछे वीआईपी लाउंज और मेहमानों के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
कोटा से शुरू हुआ था ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से की थी। इसके बाद 17 जुलाई को देहरादून में छात्रों और युवाओं से संवाद किया गया। अब प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम को लेकर पार्टी ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं।
राहुल गांधी इससे पहले 18 फरवरी 2024 को भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान प्रयागराज पहुंचे थे और उस दौरान भी स्वराज भवन गए थे।