Prayagraj News: एसआरएन अस्पताल का प्रशासनिक निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई, जन औषधि केंद्र और ICU व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वेरमा के निर्देश पर बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह और अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ जूही प्रसाद ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन अस्पताल) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के समय एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वी.के. पाण्डेय, एसआरएन अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. नीलम सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण करते हुए डॉक्टरों और स्टाफ को समय पर ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ICU, हीटवेव वार्ड और जन औषधि केंद्र का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मेडिसिन आईसीयू, हीटवेव वार्ड, पीएमएसएसवाई वार्ड और जन औषधि केंद्र की व्यवस्थाओं को परखा गया। अधिकारियों ने वार्डों में साफ-सफाई, शौचालयों की स्थिति और पेयजल व्यवस्था को संतोषजनक पाया। हालांकि अस्पताल परिसर के कुछ हिस्सों में ऊबड़-खाबड़ फर्श पाए जाने पर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।
जन औषधि केंद्र पर बढ़ेगी काउंटरों की संख्या
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं अस्पताल के अंदर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं और बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ रही। निरीक्षण के दौरान जन औषधि केंद्र पर दवा वितरण सुचारू पाया गया, लेकिन अत्यधिक भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
खराब कूलरों को तुरंत ठीक कराने के निर्देश
ऑर्थोपेडिक वार्ड के निरीक्षण में मरीजों के परिजनों ने शिकायत की कि वार्ड में लगे कई कूलरों की मोटर खराब है, जिससे गर्मी में परेशानी हो रही है। जांच में पांच में से तीन कूलर खराब पाए गए। अधिकारियों ने तत्काल मरम्मत कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
गंभीर मरीजों की देखभाल पर जोर
वार्ड नंबर 7 और 8 में भर्ती गंभीर मरीजों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि संवेदनशील मरीजों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। आंध्र प्रदेश से आए एक मरीज के परिजनों ने भाषा संबंधी दिक्कत बताते हुए बेहतर इलाज की मांग की, जिस पर डॉक्टरों को विशेष ध्यान देने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दलालों की सक्रियता या निजी प्रैक्टिस से जुड़ी कोई शिकायत सामने नहीं आई। अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए गर्मी को देखते हुए फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।