प्रयागराज: NEET छात्रा के कमरे से मिला आठ पन्नों का सुसाइड नोट, पढ़ाई के दबाव और मानसिक परेशानी का किया जिक्र

 

प्रयागराज। झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम में आत्महत्या करने वाली 18 वर्षीय NEET छात्रा रितु शर्मा के कमरे से आठ पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। सोमवार को हुई इस घटना के बाद सामने आए नोट में छात्रा ने पढ़ाई के दौरान होने वाली मानसिक परेशानी, बार-बार आने वाले अनचाहे विचारों और परीक्षा में असफल होने के डर का जिक्र किया है। उसने लिखा है कि इन विचारों के कारण वह ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रही थी और लंबे समय से परेशान थी।

सुसाइड नोट में रितु ने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से वह ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) जैसे लक्षणों से जूझने की बात महसूस कर रही थी। उसके मुताबिक, 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान उसे इस तरह की परेशानी शुरू हुई थी। शुरुआत में वह इसे सामान्य ओवरथिंकिंग और एंग्जायटी समझती रही। कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट पर इस समस्या के बारे में पढ़ने के बाद उसे अपने अनुभव OCD के लक्षणों से मिलते-जुलते लगे।

नोट के अनुसार, रितु को पढ़ाई के दौरान एक ही चीज बार-बार पढ़ने और समझने की मजबूरी महसूस होती थी। ऐसा नहीं करने पर उसे परीक्षा में गलती होने या असफल होने का डर सताता था।

उसने लिखा कि इस तरह के विचार उसके लिए बेहद परेशान करने वाले थे और वह मानसिक रूप से थक चुकी थी। छात्रा ने अपने NEET 2025 और 2026 के प्रदर्शन पर भी मानसिक परेशानी के असर का जिक्र किया है।

MBBS में सीट मिलने के बाद भी नहीं थमी परेशानी

परिवार के मुताबिक, रितु को सोमवार शाम करीब 4:30 बजे NEET की तीसरे राउंड की काउंसिलिंग का परिणाम मिला था। इसमें उसे सोनभद्र स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट आवंटित हुई थी। यह सीट उसे EWS-दिव्यांग (EWPH) कोटे के तहत मिली थी। रितु की आंखों में परेशानी थी, जिसके आधार पर उसका दिव्यांगता प्रमाणपत्र बना था।

बताया गया कि रितु रात में पढ़ाई करती थी और दिन में सोती थी। वह आमतौर पर दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच उठती थी। सोमवार को जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई। खिड़की से देखने पर वह कमरे में अचेत अवस्था में मिली। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

पिता NHAI से सेवानिवृत्त इंजीनियर, भाई देहरादून में कर रहा पढ़ाई

रितु ने वर्ष 2022 में प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से हाईस्कूल और 2024 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी शुरू की।

वर्ष 2026 की परीक्षा में उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 आई थी। परिवार में उसका एक जुड़वां भाई ऋषिराज है, जो देहरादून के एक कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता डॉ. देवराज राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं।

रितु की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। कमरे से मिले आठ पन्नों के सुसाइड नोट में दर्ज बातों ने छात्रा की मानसिक स्थिति और लंबे समय से चल रही परेशानी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि, नोट में लिखी बातों के आधार पर किसी चिकित्सकीय बीमारी की पुष्टि नहीं मानी जा सकती। मामले में पुलिस की जांच और अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।