प्रयागराज में संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी सम्पन्न, किसानों को आत्मनिर्भर कृषि का दिया गया मंत्र
कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि मंत्री एवं प्रमुख सचिव (कृषि) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत कृषि मंत्री ने एमएनएनआईटी परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
गोष्ठी में वाराणसी मंडल के मंडलायुक्त रामलिंगम एस, विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, विभिन्न मंडलों के मुख्य विकास अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए ऐसी गोष्ठियां अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाला राज्य बन चुका है।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि धान का एमएसपी वर्ष 2014 की तुलना में काफी बढ़ाया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने का उल्लेख करते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों जैसे उड़द, मूंग, अरहर, चना एवं मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। साथ ही प्राकृतिक खेती, फसल चक्र अपनाने और फार्मर रजिस्ट्री कराने पर विशेष जोर दिया।
प्रमुख सचिव (कृषि) ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों को जैविक खेती, जल संरक्षण तथा ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने का सुझाव दिया।
गोष्ठी के दौरान किसानों ने केसीसी, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति, सोलर पंप, प्राकृतिक खेती, भूमि सिंचाई परियोजनाओं और कृषि निवेश से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न किसानों को अनुदान राशि के चेक, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्वीकृति, ड्रोन अनुदान, बीज मिनीकिट तथा आईपीएम किट का वितरण भी किया गया।
गोष्ठी के अंत में संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मंडल अनिल कुमार सागर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।