झूंसी के अंदावा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, अस्थायी तालाब में हुआ प्रतिमा विसर्जन
प्रयागराज। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और पूजा-अर्चना के बाद नवरात्र समापन पर बुधवार को प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र स्थित अंदावा में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसके लिए प्रशासन की ओर से अस्थायी तालाब बनाए गए थे। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
हर वर्ष की परंपरा के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाएं लेकर विसर्जन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच भक्तों ने जयकारे लगाए और मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। विसर्जन के दौरान श्रद्धा और भावुकता का माहौल देखने को मिला।
प्रतिमा विसर्जन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। अस्थायी तालाब में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जेटी की व्यवस्था की गई, जहां प्रतिमाओं को रखकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत विसर्जित कराया गया।
विसर्जन स्थल पर पुलिस प्रशासन के साथ जल पुलिस और गोताखोर भी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था में रंजय कुमार निषाद, नीरज कुमार निषाद और सोनू निषाद सहित अन्य कर्मियों की मौजूदगी रही। प्रशासन की निगरानी में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी कराई गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन का अवसर भावुक रहा। मां की विदाई के साथ ही नवरात्र उत्सव का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए मां दुर्गा से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की।