UP Election 2027: महिला वोटरों पर BJP की नजर, 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त मिलेगी स्कूटी

UP Politics: महिला वोटरों के बीच पकड़ मजबूत करने की तैयारी, रोजगार से शिक्षा तक सरकार का फोकस
 
 महिला वोट बैंक पर BJP का फोकस, रोजगार और आर्थिक मदद के साथ छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। करीब छह करोड़ महिला मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और आर्थिक सहायता कार्यक्रमों पर विशेष जोर देने की तैयारी में है। सरकार की रणनीति रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और परिवहन जैसी सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं तक सीधा लाभ पहुंचाने पर केंद्रित नजर आ रही है।

इसी कड़ी में बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए 10 हजार से 30 हजार रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता दिए जाने की संभावना है। कारोबार बढ़ने पर अतिरिक्त वित्तीय मदद का प्रावधान भी किया जा सकता है।

50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी की तैयारी

महिला मतदाताओं के साथ छात्राओं को भी सरकार की योजनाओं के दायरे में लाने की तैयारी है। रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत स्नातक स्तर की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की योजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकार ने इसके लिए पिछले वर्ष 400 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया था। अब चुनावी वर्ष में इस राशि का उपयोग करते हुए पहले चरण में करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी बताई जा रही है। इसके लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से पात्र छात्राओं का डाटा जुटाया जा रहा है।

महिलाओं के रोजगार और कारोबार पर जोर

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस योजना के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर है। योजना को केंद्र सरकार के शी-मार्ट से जोड़कर महिलाओं के उत्पादों की बिक्री और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

पेंशन और आर्थिक सहायता से सामाजिक सुरक्षा

महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी सरकार की रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत पात्र बेसहारा महिलाओं को हर तीन महीने में तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत गंभीर अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को परिस्थितियों के आधार पर एक लाख से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।

बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक मदद

गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सहायता दी जा रही है। योजना के तहत पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह पर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये तक का खर्च किए जाने का प्रावधान है।

वहीं, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने की दिशा में भी सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। इसके लागू होने से बुजुर्ग महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में राहत मिलने की उम्मीद है।

चुनाव से पहले महिला वोट बैंक पर फोकस

उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में सरकार की ओर से महिलाओं को केंद्र में रखकर रोजगार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा और परिवहन से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यदि इन योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन होता है, तो भाजपा सरकार की कोशिश सीधे लाभार्थी महिलाओं तक पहुंच मजबूत करने की होगी। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक राजनीतिक असर उनके क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों तक पहुंच और समय पर लाभ मिलने पर निर्भर करेगा।