पेयजल संकट और सीवरेज व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, वाराणसी की छह योजनाओं को मंजूरी

 

लखनऊ। वाराणसी में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत 2.0) के तहत नगर निगम वाराणसी की पेयजल संबंधी तीन और सीवरेज की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 2,721 करोड़ रुपये है। वहीं, लखनऊ और वाराणसी में कुल सात परियोजनाओं पर 2,941.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में पेयजल आपूर्ति का विस्तार करने, सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और संबंधित क्षेत्रों को शत-प्रतिशत सुविधाओं से आच्छादित करना है।

तीन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का होगा विस्तार

वाराणसी में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं के तहत नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इससे करीब 2.18 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

इसके अलावा पुराना ट्रांस वरुणा पेयजल विस्तारीकरण एवं वृद्धिकरण योजना के तहत 13 वार्डों की लगभग 4.15 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। वहीं, नवविस्तारित क्षेत्र में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (चितईपुर) के माध्यम से सात वार्डों की करीब 1.89 लाख आबादी तक पेयजल सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा सकेगा।

सीवरेज की तीन परियोजनाओं पर भी होगा काम

शहर में सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। पुराना ट्रांस वरुणा जोन की परियोजना से करीब 4.05 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

वहीं, नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र में चयनित आठ वार्डों की लगभग 2.04 लाख आबादी को सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अतिरिक्त नवविस्तारित चितईपुर जोन के चयनित 10 वार्डों में सीवरेज व्यवस्था के विस्तार से करीब 2.23 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

इन परियोजनाओं के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार कर शत-प्रतिशत आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लखनऊ में भी पेयजल व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

अमृत 2.0 के तहत लखनऊ नगर निगम की पेयजल संबंधी परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। हैदरगंज तथा आलमनगर के केसरीखेड़ा वार्ड से संबंधित इस परियोजना से लगभग 1.56 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद संबंधित क्षेत्र को पेयजल व्यवस्था से शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य है।

शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं लखनऊ और वाराणसी में शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनके माध्यम से नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने, सीवरेज व्यवस्था का विस्तार करने और शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

परियोजनाओं के क्रियान्वयन से वाराणसी के विस्तारित शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।