मनरेगा भुगतान में अनियमितता का आरोप, प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन
सहजनवां (गोरखपुर)। सहजनवां तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बाहिलपार में मनरेगा भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा मजदूरी के नाम पर कथित फर्जी भुगतान कर जबरन वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण सुधीर कुमार ने आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते में मनरेगा मजदूरी के नाम पर राशि भेजी गई, जबकि उन्होंने संबंधित कार्य नहीं किया था। उनका कहना है कि बाद में ग्राम प्रधान द्वारा उक्त राशि वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और घर पहुंचकर पैसे की मांग की गई।
सुधीर कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया गया और मारपीट की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत स्थानीय थाने में भी की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा भुगतान में अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में संजय शर्मा, पंकज शर्मा, दिव्यांश, संदीप कुमार, बिंद्रा चौहान, श्याम कुमार, भास्कर राय, विशाल शर्मा, अश्वपति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
वहीं, मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिकायत की जांच कर जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी।