खबर प्रकाशित होते ही बदला नजारा! एसआर होटल के बोर्ड पर पर्दा, जांच की मांग तेज
गोरखपुर। गीडा गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-22 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में संचालित बताए जा रहे एसआर होटल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद होटल के बोर्ड को ढकने और परिसर में ऑटो खड़े किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद जमीन के आवंटन और उसके वास्तविक उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर-22 में एक भूखंड ऑटोमोबाइल दुकान के लिए आवंटित किए जाने की बात कही जा रही है। आरोप है कि निर्धारित उद्देश्य के बजाय परिसर में होटल संचालित किया जा रहा था। इस संबंध में स्थानीय पत्रकारों ने गीडा के अधिकारियों से जानकारी मांगी थी। बताया जाता है कि अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में संचालित होटलों की संख्या को लेकर जानकारी दी गई थी। इसके बाद एसआर होटल को लेकर प्रकाशित खबर ने मामले को चर्चा में ला दिया।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि खबर प्रकाशित होने के बाद होटल के नाम वाले बोर्ड को ढक दिया गया और परिसर में ऑटो खड़े कर दिए गए। इससे प्रतिष्ठान के वास्तविक उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ढकने के पीछे की वजह और परिसर के वर्तमान उपयोग की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सेक्टर-22 और 23 में अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सवाल
मामला केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सेक्टर-22 और 23 में भी कुछ ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनकी जमीन के आवंटन और वर्तमान उपयोग की जांच की मांग की जा रही है। ऐसे में गीडा प्रशासन के साथ-साथ संबंधित पुलिस और अग्निशमन विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह देखना होगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक अनुमतियां हैं या नहीं और उनका संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
पत्रकार पर दबाव बनाने का भी आरोप
इस प्रकरण में होटल कारोबारी पर एक स्थानीय पत्रकार को खबर प्रकाशित करने से रोकने के लिए दबाव बनाने और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच मांग की जा रही है कि गीडा प्रशासन संबंधित भूखंड के आवंटन दस्तावेजों, स्वीकृत उपयोग और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अग्निशमन सुरक्षा, भवन संबंधी अनुमति और अन्य जरूरी मानकों की भी जांच होनी चाहिए।
अब देखना होगा कि गीडा प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित परिसर का उपयोग नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।