पति की मौत के बाद संपत्ति बचाने की जद्दोजहद, शारदा देवी ने निष्पक्ष जांच की मांग की

 

गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र की मेहया नई कालोनी निवासी शारदा देवी ने पति की मौत के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई में देरी और जमीन-मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया है। उन्होंने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

शारदा देवी के मुताबिक 8 दिसंबर 2025 को उनके पति अनिल निषाद के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। मामले में रामगढ़ताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 816/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उनका आरोप है कि मुकदमे में समझौता करने के लिए उनके पति पर दबाव बनाया गया था। समझौते से इनकार करने के बाद जमीन और मकान पर कब्जे का प्रयास शुरू किया गया।

शारदा देवी ने बताया कि मारपीट में उनके पति को गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के लिए उन्हें लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 29 जनवरी 2026 को उनकी मौत हो गई। उनके अनुसार 30 जनवरी को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शारदा देवी का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटीमार्टम इंजरी, हेड इंजरी और कोमा का उल्लेख किया गया है।

पति की मौत के बाद शारदा देवी ने रामगढ़ताल थाने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और इसी बीच उनकी जमीन तथा मकान पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

शारदा देवी का कहना है कि वह जब पुलिस से शिकायत करने थाने पहुंचती हैं तो उन्हें तहसील जाने के लिए कहा जाता है। उनके अनुसार, इसी दौरान विपक्षी पक्ष जमीन पर दीवार या अन्य निर्माण कराने लगता है। उन्होंने कहा कि बार-बार थाने और तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी संपत्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पति की मौत से जुड़े मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जमीन और मकान पर कथित कब्जे के प्रयास को रोकने तथा संपत्ति संबंधी विवाद की भी जांच कराने की मांग की।

शारदा देवी ने कहा कि पति की मौत के बाद वह अकेली हैं और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।