विजय चौक के मेडिसिन प्वाइंट पर बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल, जांच की मांग
गोरखपुर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र विजय चौक स्थित मेडिसिन प्वाइंट और आसपास की कुछ दवा दुकानों पर दवा बिक्री की बिलिंग व्यवस्था को लेकर ग्राहकों की शिकायतें सामने आई हैं। ग्राहकों का आरोप है कि दवाएं एमआरपी पर बेचने के बावजूद कई बार खरीदारी का पूरा जीएसटी बिल अथवा कंप्यूटराइज्ड रसीद उपलब्ध नहीं कराई जाती। शिकायतों के बाद अब दवा बिक्री, बिलिंग और स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की मांग उठने लगी है।
ग्राहकों का कहना है कि दवा खरीदने के बाद जब बिल की मांग की जाती है तो कुछ दुकानों पर केवल साधारण पर्ची देने की बात कही जाती है। ऐसे में ग्राहक के पास खरीदी गई दवा, उसकी मात्रा, कीमत और बिक्री से संबंधित पूरा रिकॉर्ड नहीं रह पाता। दवा जैसी आवश्यक वस्तु की खरीद में बिल मिलने से उपभोक्ता को भविष्य में दवा बदलने, शिकायत दर्ज कराने या किसी अन्य विवाद की स्थिति में महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध रहता है।
मामला सामने आने के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि ग्राहक से दवा की पूरी एमआरपी वसूली जा रही है तो बिक्री का विधिवत रिकॉर्ड और बिलिंग क्यों नहीं दी जा रही। हालांकि, ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर किसी दुकान पर नियमों के उल्लंघन का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए संबंधित विभागों की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होगा।
जांच में स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का हो मिलान
जानकारों के मुताबिक, यदि संबंधित विभाग औचक निरीक्षण करते हैं तो दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, उपलब्ध दवाओं की मात्रा और जारी किए गए बिलों का मिलान किया जा सकता है। इसके साथ ही नकद और डिजिटल लेनदेन तथा जीएसटी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच से भी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ग्राहकों की शिकायत यह भी है कि बीमारी की स्थिति में अधिकांश लोग डॉक्टर की पर्ची लेकर दवा खरीदते हैं और बिल मांगने पर भी कई बार पूरी रसीद नहीं मिलती। आम उपभोक्ता बिलिंग और कर संबंधी नियमों की बारीकियों से परिचित नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति में शिकायत भी दर्ज नहीं करा पाता।
दवा कारोबार में रिकॉर्ड का व्यवस्थित होना जरूरी
दवा कारोबार में केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि दवाओं के स्टॉक और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होता है। किसी दुकान पर उपलब्ध दवाओं और दस्तावेजों में दर्ज बिक्री के आंकड़ों का मिलान करने से कारोबार की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। साथ ही एमआरपी, खरीद मूल्य और बिक्री से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की जा सकती है।
ग्राहकों की मांग है कि विजय चौक स्थित मेडिसिन प्वाइंट और आसपास की दवा दुकानों का संबंधित सक्षम विभागों द्वारा नियमानुसार निरीक्षण कराया जाए। औषधि प्रशासन और जीएसटी से जुड़े अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बिलिंग, स्टॉक और कर अनुपालन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करें।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और यदि शिकायतें निराधार पाई जाती हैं तो संबंधित दुकानदारों की स्थिति भी स्पष्ट की जाए। इससे ग्राहकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर होगी।
फिलहाल विजय चौक के दवा बाजार में बिलिंग व्यवस्था को लेकर उठी शिकायतों ने उपभोक्ता पारदर्शिता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।