जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 16 नवंबर से घर बैठे भर सकेंगे परिवार का ब्योरा; दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक

जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, डिजिटल माध्यम से दर्ज होंगे परिवार और आवास के आंकड़े
 

गोरखपुर। जनगणना 2027 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत जनगणना के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से जानकारी दर्ज करने और निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्य पूरा कराने की जानकारी दी गई। जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश से आए अधिकारियों ने स्व-गणना से लेकर घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने तक की पूरी प्रक्रिया समझाई।

 

प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। इस दौरान परिवार के सदस्य पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से अपने घर और परिवार से जुड़ी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। जनसंख्या गणना के लिए संदर्भ तिथि पांच जनवरी 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।

 

पोर्टल और मोबाइल एप से भर सकेंगे जानकारी

प्रशिक्षण में बताया गया कि स्व-गणना के लिए नागरिक se.census.gov.in पोर्टल या मोबाइल एप का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त छह अंकों के ओटीपी से सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने पर वर्तमान निवास का पता और स्थान संबंधी जानकारी भरनी होगी। आवास की सही स्थिति नक्शे पर चिह्नित करनी होगी। यदि कोई व्यक्ति अपने निवास स्थान से ही मोबाइल के जरिए जानकारी दर्ज कर रहा है तो उसे करंट लोकेशन का विकल्प चुनना होगा।

जानकारी जमा करने पर मिलेगी 11 अंकों की आईडी

स्व-गणना के दौरान परिवार के सभी सदस्यों की शिक्षा, साक्षरता, व्यवसाय, आवास और अन्य निर्धारित जानकारियां प्रश्नावली में भरनी होंगी। सभी विवरण दर्ज करने के बाद उन्हें जांचकर सबमिट करना होगा। प्रक्रिया सफल होने पर 11 अंकों की सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SEID) जारी की जाएगी। नागरिकों को इस आईडी को सुरक्षित रखना होगा और घर पहुंचने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराना होगा। इसके माध्यम से पहले दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन और मिलान किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि स्व-गणना का उद्देश्य लोगों को अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करने की सुविधा देना है। हालांकि, इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता, सूचनाओं की गोपनीयता और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश के संयुक्त निदेशक ए.के. राव, उप निदेशक एवं मंडल प्रभारी हेमंत कुमार वर्मा, उप निदेशक अजय कुमार, सहायक निदेशक एवं जिला प्रभारी शैलेन्द्र कुमार तथा जिला प्रभारी वैशाली शुक्ला ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल प्रक्रिया और मैदानी स्तर पर जनगणना कार्य के संचालन से जुड़ी जानकारियां दीं।

इस दौरान नगर आयुक्त अजय जैन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुनाल रस्तोगी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त जय प्रकाश, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, एसडीएम चौरीचौरा रवि सिंह, एसडीएम सहजनवां नमन मेहता, एसडीएम बांसगांव मलखान सिंह, एसडीएम कैंपियरगंज आलोक रंजन सिंह, एसडीएम गोला मनीष कुमार सहित विभिन्न तहसीलों के तहसीलदार और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।