गोरखपुर जेल में सपा नेता श्याम यादव को तन्हाई बैरक में रखने पर सियासी हलचल तेज

 
 गोरखपुर। मंडलीय कारागार गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व पार्षद श्याम यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध कर तन्हाई बैरक में रखे जाने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मुद्दे पर सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष विधानसभा उत्तर प्रदेश माता प्रसाद पाण्डेय खुद मंडलीय कारागार पहुंच गए और पूरे प्रकरण की जानकारी ली।

जेल पहुंचकर माता प्रसाद पाण्डेय ने न केवल श्याम यादव की स्थिति का जायजा लिया, बल्कि जेल प्रशासन से भी इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने तन्हाई बैरक में रखने के कारणों पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर मामला बताया। उनके साथ पहुंचे अन्य सपा नेताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, श्याम यादव को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध करने के बाद करीब दो दिनों तक तन्हाई बैरक में रखा गया था। हालांकि वर्तमान में उन्हें 25 नंबर बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बावजूद सपा नेताओं ने पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की है और इसे अनावश्यक सख्ती बताया है।

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के तन्हाई बैरक में रखना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे मानसिक दबाव भी बनाया जाता है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि यदि इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो पार्टी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।


इस घटनाक्रम के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नेता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा।

हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से प्रारंभ में तन्हाई बैरक में रखा गया होगा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने पर उन्हें सामान्य बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया।


फिलहाल, माता प्रसाद पाण्डेय के जेल पहुंचने और हालात का जायजा लेने के बाद यह मामला राजनीतिक हलकों में इस पर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।