नए मतदाताओं के पंजीकरण का अवसर, फिर भी बूथों पर नहीं उमड़े लोग

 गोरखपुर में मतदाता पुनरीक्षण अभियान को नहीं मिला अपेक्षित प्रतिसाद, बूथों पर डटे रहे बीएलओ
 

गोरखपुर। मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं को नाम जुड़वाने और आवश्यक संशोधन कराने का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए 17 और 24 अक्टूबर को विशेष तिथियां निर्धारित की गई थीं। आयोग के निर्देश पर शनिवार को सुबह 10 बजे से ही बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मौजूद रहे, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अपेक्षित आवाजाही नहीं दिखी। ऐसे में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए दिए गए अवसर के प्रति लोगों की भागीदारी चर्चा का विषय बनी रही।

विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना है, जिनका नाम किसी कारणवश दर्ज नहीं हो सका है या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सूची में नाम को लेकर समस्या सामने आई है। इसके साथ ही पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवाओं को भी पंजीकरण का अवसर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बीएलओ को अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की सहायता करने के निर्देश दिए गए थे।

आयोग की ओर से निर्धारित दोनों विशेष तिथियों पर बूथों पर बीएलओ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, ताकि मतदाता अपनी सूची में नाम की स्थिति की जांच कर सकें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकें। इसके बावजूद कई बूथों पर लोगों की कम उपस्थिति देखने को मिली। हालांकि, सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी को लेकर एक समान स्थिति होने की पुष्टि नहीं है।

एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी नियमानुसार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में दर्ज होने से छूट गया है, वे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में संशोधन के लिए संबंधित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन की व्यवस्था है। इसके लिए बीएलओ से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

चुनाव के समय मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर कई बार लोगों को मतदान से वंचित रहने की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पुनरीक्षण अभियान के दौरान अपने नाम की स्थिति जांचना और आवश्यक सुधार के लिए समय रहते आवेदन करना महत्वपूर्ण है। खासकर नए मतदाताओं के लिए यह अवसर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ने की दिशा में अहम है।

निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए की जा रही पहल तभी प्रभावी होगी, जब पात्र नागरिक भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। ऐसे में मतदाताओं से अपील है कि वे अपनी प्रविष्टियों की जांच करें और नाम दर्ज नहीं होने या विवरण में त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें, ताकि आगामी चुनावों में मताधिकार के प्रयोग में किसी तरह की परेशानी न हो।