नरौली में मनरेगा कार्यों की दोबारा जांच, शिकायत पर घंटों चली पैमाइश
गोरखपुर। सहजनवा तहसील क्षेत्र के पाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नरौली में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर एक बार फिर जांच शुरू हो गई है। पूर्व में हुई जांच रिपोर्ट पर शिकायतकर्ताओं की आपत्ति के बाद गठित टीम ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का घंटों तक स्थलीय निरीक्षण और पैमाइश की।
ग्राम पंचायत नरौली निवासी काशी यादव और रिपुसूदन गुप्ता ने पिछले वर्षों में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत के बाद गत वर्ष गठित जांच टीम ने गांव में जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी थी, लेकिन शिकायतकर्ता उस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी गोरखपुर से दोबारा जांच कराने की मांग की।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम शुक्रवार को गांव पहुंची। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव कुमार मिश्रा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता अभिषेक राय के नेतृत्व में टीम ने शिकायत में शामिल छह विकास कार्यों की मौके पर पैमाइश की। जांच के दौरान अभिलेखों का मिलान करते हुए वास्तविक स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे दिन जांच-पड़ताल का सिलसिला चलता रहा।
जांच के दायरे में मिनवा सिवान से आशा पब्लिक स्कूल तक मिट्टी कार्य, मिनवा सिवान से नहर पुलिया तथा नहर पुलिया से डोहरिया कला सिवान तक नहर के दोनों किनारों की सफाई एवं पटरी निर्माण, नहर से रामशरण के खेत तक मिट्टी कार्य, झझवा पोखरी के सुंदरीकरण एवं जीरो धार कार्य तथा बिशनपुर से नहर तक नाला खुदाई कार्य शामिल रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव कुमार मिश्रा ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा जांच के बाद अब पूरे मामले में प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मनरेगा के विकास कार्यों में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है या नहीं।